गुरुवार, 18 मार्च 2010

मुरैना तेल माफिया का चक्रव्‍यूह अभी बरकरार, पंजाब के किसानों को पकड़ कर बंद कराया

मुरैना तेल माफिया का चक्रव्‍यूह अभी बरकरार, पंजाब के किसानों को पकड़ कर बंद कराया

सी.बी.आई. दस्‍ते मुरेना पहुँचने की खबर से हड़कम्‍प

मुरैना 18 मार्च 10, कल अचानक तेल माफिया के काला बाजार नेटवर्क ने एक और तगड़ा काण्‍ड कर डाला । लम्‍बे समय से चम्‍बल के किसानों का एकक्षत्र शोषण कर रहे तेल माफिया नेटवर्क के लोगों द्वारा बाहर से चम्‍बल के किसानों से गॉंव गॉंव जाकर सरसों की खरीद फरोख्‍त करने वाले और ज्‍यादा दाम देकर सरसों खरीदने वाले 28 किसानों को मुरैना के तेल माफिया की पालतू मण्‍डी नेटवर्क ने न केवल अवैध रूप से पकड़ लिया बल्कि पुलिस के हवाले कर दिया , साथ ही तकरीबन 700 क्विंटल सरसों और लाखों रूपये भी उनसे छीन लिये ।

पुलिस ने किसानों पर कोई आपराधिक मामला बनते न देख हाथ खड़े कर दिये और आनन फानन में मामले को शान्ति भंग का मामला बना कर धारा 151 में बंद कर के मामले की खानापूर्ति कर दी ।

गौर तलब है कि तेल माफिया में मुरैना जिला की मण्डियों समेत कई व्‍यापारीयों के साथ मिलकर एक आपराधिक गिरोह नुमा नेटवर्क बना रखी है जो कि चम्‍बल के किसानों से न केवल दवाब डालकर उद्दीपन के जरिये कम दामों पर अपनी फसल बेच कर जाने को मजबूर करते हैं बल्कि उनसे भारी कमीशन और रिश्‍वत भी जबरन वसूलते हैं अन्‍यथा दूर दूर से माल बेचने आये किसान हफ्तों तक पड़े रहते हैं उनका माल न तो खरीदा जाता है उल्‍टे कई तरह से उन लोगों को तंग भी किया जाता है ।

किसानों के शोषण और चम्‍बल के पीले सोने में काले कारोबार के दाग का सरगना के.एस. आयल्‍स समूह हालांकि पतन और बर्बादी के हत्‍थे चढ़ चुका है लेकिन उसकी जमी जमाई नेटवर्क अभी ज्‍यों की त्‍यों है जिसमें जिले की मण्डियां और कई व्‍यापारी एवं आढ़तिये शामिल है ।

सी.बी.आई. के दस्‍ते की खबर से हड़कम्‍प मचा

हालांकि पंजाब के पकड़े गये किसानों को भले ही धारा 151 लगा कर हाल फिलहाल भले ही बंद कर दिया हो लेकिन उनकी 700 क्विंटल सरसों और लाखों रूपये कहॉं गये यह अभी रहस्‍य में है । मण्‍डी की भूमिका पर काफी प्रश्‍नचिह्न एवं आरोप खड़े हो गये हैं । वहीं आज सुबह हवा उड़ी कि पंजाब के किसान सी.बी.आई. की नेशनल नेटवर्क के सदस्‍य हैं और सी.बी.आई. की तेल माफिया के खिलाफ सी.बी.आई. द्वारा की जा रही विशेष खुफिया पड़ताल में यह सदस्‍य किसान व्‍यापारी बनकर चम्‍बल के गॉंवों में हाल और हालात टटोल कर सरसों के पीले सोने के छिपे काले कारोबार के सुराग ढूंढने में लगे थे और बदकिस्‍मती तेल माफिया के नेटवर्क में शामिल मण्‍डीयों और व्‍यापारीयों की यह रही कि सी.बी.आई. के गुप्‍त दस्‍ते के इन सदस्‍यों को ही धर दबोचा । और भ्रष्‍टाचार तथा गड़गड़ी के सारे रंग भी जम कर व खुल कर दिखा डाले ।

सी.बी.आई. का विशेष दस्‍ता होने की खबर से जहॉं अफसरों की हवाईयां उड़ रहीं थीं तभी अचानक खबर आयी कि एक और नेशनल नेटवर्क का ही अगला गुप्‍त दस्‍ता भी आज रात चम्‍बल में पहुँच गया है । सी.बी.आई के दस्‍ते की खबर की हकीकत चाहे कुछ भी हो , भ्रष्‍ट व चोरों में भारी खौफ , दहशत व आतंक के चित्र उनके चेहरे पर साफ नजर आते हैं ।     

 

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