मंगलवार, 8 जुलाई 2008

साधू सिंह जैसे परहित साधक समाजसेवी नेताओं की देश को सख्‍त जरूरत- अर्जुन सिंह

साधू सिंह जैसे परहित साधक समाजसेवी नेताओं की देश को सख्‍त जरूरत- अर्जुन सिंह

अर्जुन सिंह ने किया पोरसा में साधू सिंह तोमर की प्रतिमा का अनावरण, सिंधिया ने किया स्‍थल लोकार्पण,सिंधिया को सौंपी राजपूताने की जिम्‍मेवारी

पोरसा से लौटकर संजय गुप्‍ता मांडिल और यदुनाथ सिंह तोमर

मुरैना 8 जुलाई 08, भारत सरकार के मंत्री द्वय केन्‍द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री अर्जुन सिंह एवं केन्‍द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार राज्‍य मंत्री श्रीमंत ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने कल 7 जुलाई को अपराह्न पोरसा में भिण्‍ड अटेर मुरैना तिराहे पर स्थित तंवरघार के प्रसिद्ध स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं समाजसेवी राजनीतिज्ञ स्‍व. साधू सिंह तोमर की प्रतिमा का अनावरण व स्‍थल लोकार्पण किया । यह प्रतिमा पिछले 7 वर्ष से श्री अर्जुन सिंह द्वारा ही अनावरण किये जाने की बाट जोह रही थी ।

उल्‍लेखनीय है कि स्‍व. साधू सिंह तोमर श्री अर्जुन सिंह के अत्‍यंत प्रिय तंवरघारी राजनेता थे । स्‍पष्‍टवादी और असत्‍य से दूर रहने वाले स्‍व. साधू सिंह तोमर की छवि भ्रष्टाचार एवं अफसरशाही से नफरत कर जनता के लिये समर्पित रहकर औरों के काम के लिये जीवन होम देने वाले नेताओं की थी ।

इस अवसर पर श्री अर्जुन सिंह ने रिमोट का बटन दबा कर प्रतिमा का अनावरण किया वहीं श्रीमंत सिंधिया ने रिबन काट कर प्रतिमा स्‍थल को लोकार्पित किया ।

दो महान राजनेताओं और महान व असाधारण व्‍यक्तित्‍वों को अपने बीच पा कर चम्‍बलवासी गद्गद हो गये । और मंत्री द्वय के स्‍वागत सत्‍कार में भीषण वारिश के बावजूद अपने पलक पॉंवड़े बिछाकर होड़ लगा कर स्‍वागत किया ।

मुरैना रेस्‍ट हाउस से लेकर शहर मुरैना से अम्‍बाह तक विभिन्‍न स्‍थानों पर दोनों नेताओं की जिन्‍दाबाद और जय जयकार के साथ अन्‍धाधुन्‍ध फूलमालायें भी फेंकीं गयीं ।

रेल्‍वे स्‍टेशन पर शताब्‍दी एक्‍सप्रेस से उतरते ही नेता द्वय की झलक पाने को जनता टूट पड़ी । उल्‍लेखनीय है श्री अर्जुन सिंह कई वर्षों बाद चम्‍बल में आये हैं , इससे पहले वर्ष 1996 में उनका मुरैना आगमन हुआ था । पूरे 12 साल बाद अपने प्रिय चहेते नेता की झलक पाने को चम्‍बलवासी काफी आतुर थे ।

चम्‍बलवासीयों में अर्जुन सिंह के प्रति काफी निष्‍ठा और विश्‍वास है, श्रद्धा व सम्‍मान से ओतप्रोत चम्‍बल घाटी अर्जुन सिंह के लिये कई वर्षो से अपने पलक पॉंवड़े बिछाये बैठी थी ।

हालांकि मौसम ने मसलाधार वारिश को भीषण वारिश में तब्‍दील कर दिया था, इसके बावजूद लोगों के उत्‍साह में कोई कमी नहीं आयी ।

श्री अर्जुन सिंह के साथ श्रीमंत ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया, सुरेश पचौरी और अजय सिंह राहुल भैया के आगमन की खबर से लोगों का उत्‍साह चौगुना हो गया था । लेकिन शिवराज सिंह द्वारा सुरेश पचौरी और अजय सिंह राहुल भैया को मुरैना आने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था सो वे मुरैना जिला में हुये कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके । उनके गिरफ्तार करने की खबर से चम्‍बल घाटी में शिवराज सिंह के खिलाफ भारी रोष और आक्रोश व्‍याप्‍त हो गया ।

अम्‍बाह में मंत्री द्वय के स्‍वागत के लिये लोगों की भारी भीड़ टूट पड़ी, लोग कारो, जीपों और ट्रेक्‍टरों में भर कर फूलमालायें लाये थे किन्‍तु पहना न पाने पर उन्‍होंने मंत्री द्वय के वाहन काफिले पर फूलमालायें फेंकना शुरू कर दीं जिससे अम्‍बाह की सड़कें फूलमालाओं से पट गयीं ।

पोरसा में श्री अर्जुन सिंह ने अत्‍यंत भावुकता भरा भाषण दिया जिससे कई लोगों की ऑंखों में ऑसू भर आये । श्री सिंह ने सबसे पहले अपने विलम्‍ब से पोरसा आने के लिये क्षमा मांगी और कहा कि यह मेरी गलती है, मैं इसके लिये आप सबसे क्षमा मांगता हूँ । मुझे बहुत पहले यहॉं आना चाहिये था लेकिन मैं नहीं आया अत: मैं आप सबसे क्षमा प्रार्थना करता हूँ । श्री सिंह ने अपने भाषण के अंतिम सिरे पर यह कह कर भी लोगों को भाव विह्वल कर दिया कि अब पता नहीं हम और आप दोबारा मिलेंगें कि नहीं मिलेंगें, लोग आते हैं चले जाते हैं, यह जीवन है, कुछ लोगों को जीते जी उतना सम्‍मान मान और आदर नहीं मिल पाता जो उनको मिलना चाहिये, यह कहते श्री अर्जुन सिंह का गला रूंध गया । श्री सिंह ने कहा कि बहुत कम लोग होते हैं जो स्‍व. साधू सिंह तोमर जैसा जीवन गुजारते हैं, उनके जैसी राजनीति करते हैं, स्‍व. साधू सिंह तोमर एक ऐसे राजनेता थे जो अपने लिये नहीं बल्कि दूसरों के लिये राजनीति करते थे, दूसरों के दुख दर्द और समस्‍याओं व परेशानीयों को दूर करने के लिये ही जीवन भर संघर्ष और राजनीति करते रहे । आज साधू सिंह जैसे लोगों की समाज को और देश को सख्‍त जरूरत है ।

उन्‍होंनें मंच से ही नौजवानों और देशभक्‍तों का आह्वान करते हुये दो विकट समस्‍याओं से आगाह किया । श्री सिंह ने कहा कि पहली बड़ी भारी समस्‍या देश पर साम्‍प्रदायिकता वाद और सामप्रदायिक शक्तियों के हावी होने की है, दूसरी समस्‍या वैश्र्विक वातावरण में समूचे विश्‍व में तेजी से आ रही आर्थिक समस्‍याओं की है । हालांकि हम इसे यहॉं पोरसा में बैठकर नहीं समझ सकते लेकिन अगर हमारे देश के नौजवान स्‍व. साधू सिंह तोमर की भावना के साथ इन समस्‍याओं का मुकाबला करने की ठान लें और टूट पड़ें तो दोनों समस्‍यायें यूं ही चुटकियों में हल हो जायेंगीं ।

श्री सिंह ने अपनी यादें ताजा करते हुये, पोरसा अम्‍बाह और मुरैना क्षेत्र की समस्‍यायें सुलझाने और परेशानीयां हल करने की सारी जिम्‍मेवारी श्रीमंत ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के कन्‍धों पर डालते हुये उन्‍हें उलाहना देते हुये कहा कि अब ये आप और हम मिल कर इस क्षेत्र को सहयोग कर देंखें और आप इनका ख्‍याल रखें ।

श्री अर्जुन सिंह ने श्रीमंत सिंधिया की उपस्थिति को सुखद संयोग बताते हुये कहा कि यह सुखद संयोग संयोगवश बना है कि आज हमारे साथ महाराज ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी उपस्थित हैं, भला इससे बड़ा सुअवसर और क्‍या होगा । मैं पूरा सहयोग करूंगा श्रीमंत महाराज ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया आप इनका ख्‍याल रखें इनकी समस्‍यायें परेशानीयां सुलझायें ।

श्री अर्जुन सिंह के साथ श्रीमंत सिंधिया के अतिरिक्‍त रामनिवास रावत, स्‍व. साधू सिंह तोमर के सुपुत्र श्री मोहन सिंह तोमर, स्‍व. साधू सिंह तोमर की पत्‍नी श्रीमती पार्वती देवी के अलावा अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे ।       

         

 

1 टिप्पणी:

Suresh Chandra Gupta ने कहा…

अर्जुन सिंह ने सही कहा कि बहुत कम लोग होते हैं जो अपने लिये नहीं बल्कि दूसरों के लिये राजनीति करते हैं, दूसरों के दुख दर्द और समस्‍याओं व परेशानीयों को दूर करने के लिये ही जीवन भर संघर्ष और राजनीति करते हैं. आज समाज को और देश को ऐसे नेताओं की सख्‍त जरूरत है, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि ऐसे नेताओं की देश को जरूरत है. ख़ुद अर्जुन सिंह जीवन भर ऐसे नेता नहीं बन सके. यह अजीब सी बात है कि ऐसे नेता की प्रतिमा का अनावरण अर्जुन सिंह जैसे लोगों से करवाया गया.